बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

बीकानेर में कल से होलाष्टक की शुरुआत होगी। पहले दिन दिन रात को फक्कड़ाता रम्मत का मंचन होगा। बीकानेर में होली पर रम्मतों के मंचन की पराम्परा रियासतकाल से चली आ रही है। लोक नाट्य विधा रम्मतों पर कई शोध भी किए जा रहे हैं, इनके संरक्षण की बात भी उठाई जा रही है।
इसी कड़ी में 20 और 21 फरवरी को भारतीय भाषा समिति, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की ओर से दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें बीकानेर के डॉ.रीतेश व्यास ने भागीदारी निभाई।
रीतेश ने संगोष्ठी में शामिल होकर लोक नाट्य परम्परा की प्रतीक बीकानेर की ख्याल आधारित रम्मतों पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने रम्मतों की संगीत के दष्टिकोण से रम्मतों के महत्व पर प्रकाश डाला।
Post Views: 29






