होली की रंगत : धमार गीतों से गूंज रहे पुष्टिमार्गी वैष्णव मंदिर, सप्तमी से ठाकुरजी को सखियां सुनाएगी की गाली - Nidar India

होली की रंगत : धमार गीतों से गूंज रहे पुष्टिमार्गी वैष्णव मंदिर, सप्तमी से ठाकुरजी को सखियां सुनाएगी की गाली

रमेश बिस्सा

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

“मेरो खो गयो बाजुबंद रसिया होरी में…मेरी चुनरी पै रंग मत ढोर रसिया, याकि कीमत है अनमोल रिसया…” होली की मस्ती में जगत के पालनहार भी रंगने लगे है। सखियां भी ठाकुरजी से चुहलबाजी करने लगी है। रसिया धमार गीतों से इन दिनों पुष्टिमार्गी वैष्णव मंदिर गूंज रहे हैं। नगर में पुष्टिमार्गी मंदिरों में राजभोग दर्शन के समय होरी खेल शुरू हो गया है।

यह धुलंडी तक चलेगा। यूं तो बसंत आगाज के साथ ही ठाकुरजी एक चुटकी गुलाल से होली खेलने लगे थे। अब तो प्याला भर गुलाल ठाकुरजी जो लगा रहे हैं। वहीं सप्तमी से धामा भर-भर गुलाल उड़ाई जाएगी। वैष्णों मंदिरों में इन दिनों राग सारंग धमार और रसिया होरी गीतों से गूंजायमान है। नत्थूसर गेट बाहर ठाकुर मदनमोहन लाल जी मंदिर में गुरुवार को श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी को रसिया गीतों से रिझाया।

पुष्टिमार्गी मंदिरों की परम्परा खास है…
हवेली शास्त्रीय संगीत गायक पड़ित नारायण रंगा ने बताया कि पुष्टिमार्गी मंदिरों में रसिया, धमार गीतों की परम्परा खास और अनुठी है। मंदिर में बसंत पंचमी से इसकी शुरुआत होती है, धीरे-धीरे तिथियों के अनुसार इसमें आगे बढ़ते है। उसी लिहाज से गीतों की शैली में बदलाव आता है, लेकिन ठाकुरजी को सुनाए जाने वाले धमार के पद स्थाई है। रंगा के अनुसार आने वाली सप्तमी (23 फरवरी) से ठाकुरजी को गाली गीत सुनाए जाएंगे। ऐसी मान्यता है कि होली के मौके पर जो सखियां है वो ठाकुरजी को व्यंग्य में गाली(गारी) देकर चिढ़ाती है, उनसे चहुलबाजी करती है। इसमें मोटे तौर पर “नवरंगी लाल बिहारी हो, तेरे द्वै बाप, द्वै महतारी हो…सरीखे गारी गीत सुनाए जाएंगे।

द्वारिकाधीश मंदिर।
राज रतन बिहारी मंदिर।

इन मंदिरों में चल रहे है रसिया पद…
बीकानेर में दाऊजी मंदिर, रास रतनबिहारी, रसिक शिरोमणी, गोवर्धनाथ, श्यामसुदंरजी, मदनमोहन प्यारे लाल, माजीसा बास स्थित गोपीनाथ मंदिर, नत्थूसर गेट बाहर स्थित ठाकुरजी मदन मोहनलाल, बिस्सा चौक के द्वारिकाधीश मंदिर में इन दिनों सुबह और शाम के समय धमार गीतों से ठाकुरजी को रिझाया जा रहा है।

 

श्री दाऊजी प्रभू का पाटोत्सव शुरू, तीन दिन चलेंगे मनोरथ
श्री दाऊजी प्रभु के 121वें पाटोत्सव महोत्सव का भव्य आयोजन गुरुवार से शुरू हो गए है। इसमें कई तरह के मनोरथ होंगे। संचालक ब्रज भूषण गोस्वामी ने बताया कि यह आयोजन पंचमपीठाधीश्वर पूज्य वल्लभलाल महाराज की आज्ञा से हो रहा है।
आज कदंब की छैंया का उत्सव और भजन संध्या
महोत्सव के पहले दिन आज (फाल्गुन शुक्ल 2) को  कदंब की छैंया, इसके बाद शाम रात्रि 10:30 बजे तक भजन संध्या का आयोजन हुआ।

कल पलना, नंद महोत्सव एवं फाग उत्सव…

उत्सव के दूसरे शुक्रवार को (फाल्गुन शुक्ल 3) को सुबह 9 बजे से 10:30 बजे तक पलना / नंद महोत्सव एवं 10:30 से फाग उत्सव आयोजित होगा। दर्शनार्थियों के लिए महाप्रसाद वितरण सुबह 11:30 बजे से प्रारंभ होगा तथा 12:10 पर विशेष तिलक आरती संपन्न होगी।
21 फरवरी को हांडी मनोरथ होगा।
महोत्सव के अंतिम दिन 21 फरवरी 2026 (फाल्गुन शुक्ल 4) को सुबह 10:15 बजे राजभोग और हांडी मनोरथ के कार्यक्रम के साथ तीन दिवसीय आयोजन का समापन होगा। आयोजन समिति की ओर से तैयारियां जोर-शोर से चल रही है।

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