आस्था : महाशिवरात्रि पर्व कल मनाया जाएगा, शिवालयों में होंगे अभिषेक अनुष्ठान - Nidar India

आस्था : महाशिवरात्रि पर्व कल मनाया जाएगा, शिवालयों में होंगे अभिषेक अनुष्ठान

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

देवो के देव महादेव की आराधना का पर्व महाशिवरात्रि रविवार को मनाया जाएगा। शिवरात्रि को लेकर बीकानेर के शिवालयों में तैयारियां परवान रही। शिवरात्रि के दौरान शिव मंदिरों में विशेष-पूजा अर्चना का सिलसिला चलेगा। अल सुबह से लेकर देर रात तक अभिषेक, पूजन के अनुष्ठान होंगे। मंदिरों में चार प्रहर की पूजा का महत्व होने के कारण भक्ति और आराधना रात भर चलेगी। इस दौरान चार बार भगवान शंकर की आरती होगी।

यह है खास महत्व

पंड़ित दुर्गादत्त व्यास के अनुसार शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का विशेष दिन है। इस दिन भगवान शंकर के पंचवक्त्र रूप की पूजा होती है। यह शिव को रिझाने का खास दिन है। इस दिन भगवान शंकर को बिल्वपत्र, बोर, रेवड़ी के भोग का खास महत्व है। इसके साथ ही भाग, धतूरा शिव का प्रिय है। भगवान शंकर का पहले जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, घी, शहद से अभिषेक करने के बाद इत्र लगाकर चंदन से श्रृंगार किया जाएगा।

यह समय है रात के प्रहर पूजा का…

पंड़ित व्यास के अनुसर भगवान शंकर का महाशिवरात्रि की रात को पहले प्रहर की पूजा 8 से 10, दूसरा प्रहर 10 से 12, तीसरा 12 से 2 और चौथा प्रहर 2 से अल सुबह 4 बजे तक रहेगा। इस दौरान भगवान शंकर का विधिविधान से पूजन और आरती की जाएगी।

 

नवलेश्वर मठ में होंगे दिव्य अनुष्ठान

श्री नवलेश्वर मठ में महाशिवरात्रि महोत्सव शिवसत्यनाथ महाराज के सान्निध्य और जुगलकिशोर ओझा (पुजारी बाबा) के आचार्यत्व में दिव्य धार्मिक अनुष्ठान होंगे।नत्थूसर बास स्थित श्री नवलेश्वर मठ, श्री विवेकनाथ जी की बगेची में   ‘महाशिवरात्रि महोत्सव’ के रूप में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। श्री नवलेश्वर मठ सिद्धपीठ, बीकानेर) के पावन सान्निध्य में आयोजित होगा।
बगेची के सेवादार नन्दकिशोर गहलोत के अनुसार बगेची परिसर में महाशिवरात्रि के पूरे दिन विशेष पूजा-अर्चना का क्रम चलेगा, जबकि रात्रि विशेष अनुष्ठान के दौरान जिसमें पंच-पंचायत पूजन सहित भगवान शिव के चारों प्रहरों का विशेष पूजन किया जाएगा।य
का मुख्य अनुष्ठान क्रम रात्रि 8:00 बजे प्रथम प्रहर की पूजा और दुग्ध अभिषेक के साथ प्रारंभ होगा। इसके बाद द्वितीय प्रहर में दधि दही अभिषेक, तृतीय प्रहर में गौघृत अभिषेक एवं चतुर्थ प्रहर में मधु (शहद) अभिषेक के साथ विशेष वैदिक शिवमंत्रोच्चारण एवं आरती की जाएगी। इस दिव्य महोत्सव की पूर्णाहुति अगले दिन प्रातः 5:00 बजे चतुर्थ प्रहर की आरती के साथ संपन्न होगी।

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