शनिवार को रवाना होगा रामदेव बाल मंडल का दल, 50 से 55 श्रद्धालु होंगे शामिल

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।
बीकानेर से रुणिचा तक एक बार फिर भक्ति की सरिता बहेगी। धोरों की धरती से एक बार फिर ‘ जय बाबे री’ और ‘ध्वजाबंद धारी के जयकारे’ गूंजेंगे। अवसर होगा रामदेव बाल मंडल कोलकाता की पैदल रामदेवरा यात्रा। मंडल के करीब 50 से 55 से भक्त 14 फरवरी को बीकानेर से रुणिचा के लिए पैदल रवाना होंगे। ये सभी सदस्य और पदाधिकारी पिछले एक दशक से हर वर्ष बाबा रामदेव के दरबार पहुंचते हैं।

मंडल के संरक्षक जेठमल रंगा ने बताया कि पैदल यात्रा के लिए कोलकाता से 40 भक्त बीकानेर पहुंच गए हैं।

बीकानेर से भी कई लोग इस पैदल यात्रा में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि पैदल यात्रा के लिए खरीदारी का दौर अंतिम चरण में है।
मंडल का नेतृत्व करने वाले बिमल केडिया ने बताया कि 14 फरवरी को भाटोलाई स्थित बाबा रामदेव मंदिर से पूजा अर्चना और आरती के बाद हमारा दल रवाना होगा।

उन्होंने बताया कि इसमें महिलाएं भी शामिल होंगी। दल के साथ पांच छह गाड़ियां रहेंगी और बाबा का दरबार भी साथ रहेगा।
दो दिन रहेंगे बाबा के दरबार में
संतोष केडिया ने बताया कि यह दल 21 फरवरी को रुणिचा धाम पहुंचेगा। इसी दिन रामदेव बाल मंडल की धर्मशाला में बाबा की कड़ाही का प्रसाद होगा।

इसमें पैदल जत्थे के अलावा रुणिचा की धर्मशालाओं के संचालक, मैनेजर और मंदिर के पुजारी भी भागीदारी निभाएंगे। रुणिचा स्थित रामदेव बाल मंडल धर्मशाला में बाबा रामदेव को फूलों की होली खेलाई जाएगी।
भक्ति से सराबोर होंगे आठ दिन
उन्होंने बताया कि बाबा रामदेव हम सभी के आराध्य देव हैं। हम प्रतिवर्ष बाबा के दरबार पहुंचते हैं। यह सात-आठ दिन भक्ति से सराबोर रहेंगे। पहले भी वर्ष 1986 से लगातार कई वर्षों तक यह यात्रा चली। अभी पिछले दस से अधिक सालों से सभी बाबा के दरबार में पहुंच रहे हैं।
दो दिन के बाद लौटेंगे गंतव्य की ओर
रामदेव बाल मंडल का यह दल दो दिन बाबा के दरबार में रहेगा और धर्म, कर्म, आध्यात्म से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां होंगी। इसके बाद सभी अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करेंगे । इस दौरान बसंत मोहता, हरि किसन चांडक, राघव मोदी, अंजू मोहता, महावीर व्यास, श्री पुगलिया, रितेश चांडक, बाबा रामदेवजी का जुम्मा लगाने वाले ख्यातिनाम कलाकार राकेश-महेश भी यात्रा में शामिल होंगे।






