बीकानेर,निडर इंडिया न्यूज।

खाजूवाला, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एलएलएम पाठयक्रम में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों की पात्रता में संशोधित कर 50 प्रतिशत करने की मांग उठाई है।

इस संदर्भ में एबीवीपी के जिला संयोजक पुनीत शर्मा ने महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित को ज्ञापन सौंपा है। इसके जरिए अवगत करवाया कि विधि संकाय के अभ्यार्थी जो शैक्षणिक सत्र 2025-26 में एलएलएम पाठयक्रम में प्रवेश के लिए इच्छुक है। वर्तमान प्रवेश नियमों के अनुसार एलएलएम में प्रवेश के लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों की पात्रता निर्धारित है।
इस कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के योग्य छात्र, जिन्होंने विधिक स्नातक की डिग्री सफलतापूर्ण प्राप्त की है, केवल अंकों की सीमा के कारण प्रवेश से वंचित हो रहे है। यूजीसी एवं देश की अनेक विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में आरक्षित वर्गों को 5 प्रतिशत तक की अंकों में छूट प्रदान की जाती है तथा साथ ही अन्य आरक्षित वर्गों का मूल उद्देश्य ही यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन योग्य छात्रों को उच्च शिक्षा में समान अवसर प्राप्त हो सके।
जिसके लिए एलएलएम पाठ्यक्रम में अन्य आरक्षित वर्गों के लिए न्यूनतम पात्रता में संशोधित करते हुए 55 प्रतिशत के स्थान पर 50 प्रतिशत अंकों की पात्रता इसी सत्र में लागू करने की जाए। ताकि वंचित बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित ना होना पड़े। इस दौरान छैलू सिंह लखासर सहित सदस्य मौजूद रहे।






