बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

बाल वाहिनियों को लेकर पुलिस ने सख्त रवैया अपना लिया है। शुक्रवार को सदर थाने में इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के नेतृत्व में एक बैठक रखी गई। इसमें अनिल पण्ड्या, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, संजीव चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी, नरेश निर्वाण, यातायात निरीक्षक, लोकेश कुमार आत्रेय, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, डॉ. रविन्द्र गोदारा, चिकित्सा विभाग, सद्दाम हुसैन, सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित स्कूल संचालक, बाल वाहिनी संचालक औरऑटो यूनियन के कई सदस्य शामिल हुए।

इस दौरान एसपी कावेन्द्रसिंह सागर ने आगामी 10 दिवस में स्कूलो के अवकाश के दौरान सभी निजी और राजकीय स्कूल संयोजकों, बाल वाहिनी संयोजको को बाल वाहिनी के लिए निर्धारित दिशा निर्देशों की शत प्रतिशत पालना सुनिश्चित करने के लिए पाबन्द किया। बाल वाहिनी चालक एवं परिचालक ने निर्धारित वर्दी पहनने के लिए पाबन्द किया गया। साथ ही वाहन के सभी दस्तावेज पूर्ण रखने, आदेश 23/2017 की पूर्ण पालना करते हुए, वाहनों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, जीपीएस, स्पीड लिमिट डिवाईस, व वाहन में कैमरा लगाने एवं वाहनों का रिकोर्ड संधारित करने बाबत पाबन्द किया गया।
एसपी ने शैक्षणिक संस्थानों के संचालकों को अपनी जिम्मेदारी समझने व अभिभावकों को जागरूक करने बाबत निर्देशित किया गया। सभी शैक्षणिक संस्थान संचालकों को पाबन्द किया गया कि कोई भी नाबालिक वाहन लेकर संस्थान में नहीं आए यदि ऐसा होता पाया गया तो उनके खिलाफ कार्यवाही करते हुए वाहन को जब्त कर लिया जाएगा। अभिभावक के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही होगी। अभिभावक स्वयं के स्तर पर बच्चों को स्कूल लाते एवं ले जाते हैं तथा जो बच्चे स्वयं वाहन का उपयोग करते हैं, वे यातायात नियमों की पूर्ण पालना करते हुए हेलमेट लगाना, सीट-बैल्ट लगाना आदि सुनिश्चित करेंगें, अपने वाहन को निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही पार्क करेंगें। संविदा वाहन बच्चों को लाते ले जाते हैं वे संबंधित शैक्षणिक संस्थान के साथ अनुबंध करना सुनिश्चित करें।
जिले में पूर्व में संचालित कुल 665 बाल वाहिनी वाहनों में से जिन बाल वाहिनियों का पंजीयन परिवहन विभाग की ओर से निलंबित किया जा चुका है, उनका किसी भी प्रकार से संचालन नहीं करने के लिए पाबंद किया गया। स्कूलों के बाहर स्पीड ब्रैकर, जेबरा लाईन, यातायात नियमों के बोर्ड लगाने के लिए संस्थानों को पाबंद किया गया। सभी स्कूलों को स्कूल स्तर पर संयोजन समिति एवं ट्रेफिक प्लान बनाने के निर्देश दिए। सभी शैक्षणिक संस्थानों को वाहन चालकों एवं परिचालकों का हर हाल में पुलिस सत्यापन करवाने हेतु के लिए पाबन्द किया गया।






