बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

शिक्षा निदेशालय में कार्यरत एक अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के साथ मारपीट की बाद कर्मचारियों में रोष है। शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ ने इस प्रकरण को लेकर कड़ा विरोध जताया है, साथ ही दोषी सहायक प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में संगठन के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य के नेतृत्व में एक ज्ञापन आज स्टाफ ऑफिसर अशोक शर्मा को सौंपा गया है। इसके जरिए आरोप लगाया गया है कि निदेशालय में चंदे और फर्जी रसीदों से सम्बन्धित कार्यवाही प्रशासन के स्तर पर नहीं होने के कारण से 15-20 कार्मिकों का हौसले बुलन्द है, यही आज तो सुबह-सुबह ही निदेशालय माध्यमिक में कार्यरत एक कार्मिक सिद्धार्थ रिणवा सहायक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा समाज शिक्षा अनुभाग में जाकर निदेशालय के नवरतन जोशी, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के साथ मारपीट की गई। इससे अनुभाग में भय का माहौल व्याप्त हो गया और अनुभाग के महिला कार्मिकों और अन्य के समक्ष हुई इस घटना से पूरा निदेशालय परिवार हतप्रभ रह गया।

संगठन ने नवरतन जोशी अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के साथ निदेशालय परिसर में मारपीट करने वाले सहायक प्रशासनिक अधिकारी विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाने और उसे तत्काल निलम्बित करने, चंदा इकट्ठा करने वाले कार्मिकों,अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग उठाई है। शिक्षा निदेशक की अनुपस्थिति में स्टाफ ऑफिसर अशोक शर्मा को ज्ञापन देकर सौंपा गया है।
प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने इस मामले को लेक राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अर्जुनराम मेघवाल केन्द्रीय कानून मंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक, जेठानन्द व्यास विधायक पश्चिम, सिद्धि कुमारी विधायक पूर्व बीकानेर, संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिदेशक आयुक्तालय जयपुर, थानाअधिकारी, बीछवाल को ईमेल के द्वारा पत्र भेजा है।
इसके जरिए बताया गया है कि शिक्षा निदेशालय में 15-20 कार्मिकों ने 50वीं मंत्रालयिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर फर्जी तरीके से शिक्षा निदेशालय के नाम की रसीद काटकर,ऑन लाइन और कुछ मौखिक रूप से चंदा एकत्रित किया गया था। इसके प्रमाण निदेशक को कई बाद दिए जा चुके है और दाेषियों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए भी लिखा गया था। पत्र में आरोप है कि कार्यालय में कुछ अधिकारियों की मिलीभगती होने के कारण से कार्यवाही नहीं हो रही है। वाट्सअप गु्रपों में चंदों से सम्बन्धित लिखने का आदान-प्रदान चलता रहता है।
आचार्य ने बताया कि पत्र में यह भी लिखा गया है कि प्रदेश मुख्यालय पर एक जुनियर द्वारा सीनियर मंत्रालयिक अधिकारी पर अप्रत्याशित हमला बड़ा निन्दनीय है और शिक्षा निदेशालय की छवि को धुमिल करने वाला है।
वहीं 15-20 कार्मिक जो लम्बे समय से एक ही सीट पर बैठे हैं, यदि उनका अनुभाग परिवर्तन हो भी जाता है तो पुनः वापिस उसी सीट पर आ जाते हैं। यह भी एक जांच का विषय है।
आचार्य ने बताया कि पत्र में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि घटना के दोषी सहायक प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्यवाही की जाए, उन्हें निलम्बित कर उनका मुख्यालय बीकानेर से बाहर किया जाए।
पत्र में यह भी आरोप है कि यह निन्दनीय घटना कार्यालय परिसर में घटित हुई है। इससे राजकार्य में बाधा भी उत्पन्न हुई है। इसलिए शिक्षा प्रशासन की ओर से भी सहायक प्रशासनिक अधिकारी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाई जाए। अन्यथा संगठनात्मक कार्यवाही की जायेगी जिसकी समस्त जिम्मेवारी शिक्षा विभाग व प्रशासन की होगीं।






