ऋिषिकेश की फूलचट्टी रिसोर्ट हुई धर्ममय, भागवत कथा ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति कल होगी

रमेश बिस्सा

ऋषिकेश, निडर इंडिया न्यूज।
“अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो, दर पर सुदामा गरीब आ गया है…द्वारिकाधीश के द्वार पर जब बचपन का मित्र सुदामा पहुंचा, तो ठाकुरजी ने कहा सुदामा आने इतने वर्ष लगा दिए। उन्होंने सुदामा को सिंहासन पर बिठाया और उसके पैर अपने आंसुओं से छोए है।
यह दृश्य गुरुवार को नीलकंठ रोड पर स्थित फूलचट्टी रिसोर्ट में चल रही भागवत कथा में साकार हो उठा। कथा वाचक भागवताचार्य पंड़ित दुर्गादत्त व्यास ने जब सुदामा चरित्र प्रसंग की व्याख्या की, तो पूरा पंड़ाल भाव विभाेर हो गया, श्रद्धालुओं की आंखे भर आई। पंड़ित दुर्गादत्त व्यास ने कहा कि मित्रता हो तो, कृष्ण-सुदामा सरीखी हो। पंड़ित अमरचंद पुरोहित ने यजमानों से पूजा कराई। शुक्रवार को भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह की पूर्णाहुति होगी, इस दौरान दोपहर को हवन होगा।
बीकानेर जिले की कोलायत तहसील के गुड़ा गांव के मूल निवासी और सूरत, अहमदाबाद, मुम्बई प्रवासी चांड़क परिवार की और आयोजित कराई जा रही भागवत कथा का आज छठा दिन था। कथा में सुबह के सत्र में उद्धव चरित्र की सप्रसंग व्याख्या की गई। तो दूसरे सत्र में पहले रुखमणि कृष्ण विवाह की सजीव झांकी निकाली गई।
कथा वाचक पंड़ित दुर्गादत्त व्यास ने जब रुखमणि-कृष्ण विवाह प्रसंग सुनाया, तो पूरा पंड़ाल ही झूम उठा। श्रद्धालुओं ने कृष्ण विवाह का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया। सभी ने खुशियां जताई। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में गायक कलाकार राधेश्याम बिस्सा ने भजनों की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। वहीं प्रमोद व्यास ने तबला और दीपांशु अरोड़ा ने ऑर्गन पर संगत की।
सुदामा की झांकी ने किया मंत्रमुग्द
भागवत कथा में सुदामा की सजीव झांकी ने सभी को मंत्रमुग्द कर दिया। छोटी बालिका भव्या राठी ने सुदामा का स्वरूप धरा। पंड़ाल में सुदामा की झांकी जब साकार हुई, तो सभी भक्ति रस की धारा में बह गए।
रुखमणि और कृष्ण स्वरूप वीनी चांड़क और मनमोहन चांड़क ने धरा। कार्यक्रम के दौरान ही आयोजक नारायण प्रसाद चांड़क और उनकी धर्मपत्नी पुष्पा देवी की शादी की 50 वीं सालगिरी भी भागवत कथा के पंड़ाल में मनाई गई। वहीं पवन राठी और प्रीति राठी की 25 वीं सालगिरी को भी हषोल्लास के साथ अनुठे अंदाज में मनाया गया।






