आस्था : ऋषियों का किया पूजन, श्रद्धालुओं ने किया श्रावणी कर्म का अनुष्ठान - Nidar India

आस्था : ऋषियों का किया पूजन, श्रद्धालुओं ने किया श्रावणी कर्म का अनुष्ठान

-ऋषि पंचमी पर कई जातियों ने मनाया रक्षा बंधन

बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

ऋषि पंचमी का पर्व गुरुवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ऋषियों का पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने तालाबों पर जाकर श्रावण कर्म का अनुष्ठान किए। दस विधि स्नान,पूजन, हेमाद्री संकल्प के बाद देव ऋषि, तर्पण किया गया।

पूजा-अर्चना के बाद हवन में आहुतियां दी गई। इसी अवसर पर आज कई जातियों में रक्षा बंधन मनाया गया। इसमें महेश्वरी समाज, पुष्करणा समाज की हर्ष, किराड़ू सहित कई जातियों में आज रक्षा बंधन मनाया गया।

यहां हुए श्रावणी कर्म…

शहर में कई स्थानों पर श्रावणी अनुष्ठान हुए। इसमें धरणीधर तालाब, हर्षोल्लाव, सागर, कोलायत सहित सरोवरों पर तर्पण हुए। ऋषि पूजन किया गया।  गायत्री मंडल की और से  धरणीधर तालाब पर ब्रह्म ऋषियों ने श्रावणी कर्म अनुष्ठान किया। पंडित गिरिजाशंकर ओझा के सानिध्य में जल कर्म, हेमाद्री संकल्प,ऋषि तर्पण, ‘ देव तर्पण, मनुष्य तर्पण कर्म किया गया। यज्ञ में  घनश्याम किराड़ू मुख्य यजमान के रूप में रहे। श्रावणी कर्म में 120 ऋषियों ने जल कर्म यज्ञ में भाग लिया।

श्रावणीकर्म में अशोक पुरोहित. सागर सा, झंवरलाल किराडू, शिवनारायण पुरोहित, नारायण बोहरा,जगदीश किराडू, नृसिंह जोशी, भंवरलाल बोहरा, सुशील बोहरा, हरि व्यास, किशन जोशी, शिवकुमार, श्याम किराडू ने सक्रिय रूप से भागीदारी निभाई। श्रावणी कर्म में सभी व्यवस्थाओं के लिए श्री धरणीधर ट्रस्ट के रामकिशन  आचार्य का “श्री गायत्री श्रावणी कर्म मंडल ने आभार प्रकट किया।

कोलकाता प्रवासी किराड़ू के लिए 40 साल बाद आया यह शुभ अवसर 

आज ऋषि पंचमी पर कई जातियों के परिवारों में रक्षा बंधन मनाया गया। इस पावन पर कोलकाता प्रवासी समाजसेवी हीरालाल किराड़ू बीते चार दशक में पहली बार बीकानेर में आए। अपनी सभी बहिनों से बीकानेर में राखी बंधवाई तो किराड़ू का चेहरा खिल उठा। आंखों से खुशी की धारा बहने लगी।

किराड़ू ने निडर इंडिया को बताया कि यूं तो वर्ष में कई बार बीकानेर आना होता है, लेकिन इस बार ऋषि पंचमी को करीब 40 साल बाद ऐसा शुभ अवसर आया है कि मैं बीकानेर में हूं और मेरे परिवार के साथ में मेरी सभी बहिनों ने मेरी कलाई पर राखी बांधी है। यह खुशी का पल कभी भुलाए नहीं भूल पाऊंगा।

बकौल किराड़ू बड़ी इंद्रा देवी बोहरा ने आज अर्से बाद बीकानेर में ही मेरी कलाई पर जो रक्षा सूत्र बांधा है, वो मेरी लिये बड़ी खुशी है। गौरतलब है कि हीरा लाल किराड़ू कोलकाता के सामाजिक कार्यकर्ता है। पुष्करणा समाज के साथ ही मारवाड़ी समाज में अपनी ख्याति रखते हैं। उम्र के इस पड़ाव में भी पूरी सक्रियता के साथ समाजिक कार्यों का निर्वाह कर रहे हैं। इस बार ऋषि पंचमी पर विशेष तौर पर बीकानेर आए है। उन्होंने रामदेव मित्र मंडल कोलकाता की ओर से पदयात्रियों के लिए लगाए गए सेवा शिविर में भी भागीदारी निभाई।

 

 

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