बीकानेर, निडर इंडिया न्यूज।

मुनाफा कमाने की लालच में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। खासकर खाद्य वस्तुओं में मिलावट का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। मिलावटखोर अपनी कारगुजारियों से बाज नहीं आ रहे हैं।

शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से रोजाना कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को सीएमएचओ डॉ.पुखराज साध के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा दल ने रानी बाजार गुरुद्वारे के पास स्थित एक फैक्ट्री पर औचक निरीक्षण किया और फैक्ट्री को तत्काल बंद करवाया। मिठाई की दुकानों के साथ-साथ उनकी फैक्ट्रियों की भी जांच की जा रही है। इसी क्रम में आज जुगल जी स्वीट्स की फैक्ट्री का औचक निरीक्षण किया गया।


बिना खाद्य लाइसेंस की फैक्ट्री में कबाड़ और गंदगी के ढेर पर भिन भिनाती मक्खियों व लटकते खुले बिजली के तारों के बीच मिठाई व बेकरी उत्पाद बनाए जा रहे थे। आधे अधूरे सिविल वर्क की फैक्ट्री में फर्श टूटा हुआ था, उचित ड्रेनेज सिस्टम नहीं था, दीवारों पर गंदगी जमी हुई थी और मकड़ियों के जाले लटके हुए थे। खाद्य पदार्थों में अत्यधिक रंग का उपयोग पाया गया। फैक्ट्री में ना तो पानी जांच और ना ही पेस्ट कंट्रोल का कोई रिकॉर्ड पाया गया। इस प्रकार खाद्य संरक्षा के मानक नियमों का बड़े स्तर पर खुला उल्लंघन पाया गया।
जन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक मानते हुए फैक्ट्री में तत्काल उत्पादन बंद करवाते हुए फैक्ट्री को बंद करवाया गया। फैक्ट्री के स्टोर में लगभग 250 किलो अवधिपार मैदा, 30-30 किलो खराब चाशनी व मिठाई को मौके पर ही नष्ट करवाया गया। साथ ही मौके से रसगुल्ला, गुलाब जामुन, कलाकंद, मावा सहित 5 खाद्य नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी भानु प्रताप सिंह गहलोत, श्रवण कुमार वर्मा, सुरेंद्र कुमार तथा राकेश गोदारा शामिल रहे।






