बीकानेरNidarindia.com बरसलपुर ब्रांच के अखूसर माईनर के चक में मोघे पर खाळा निर्माण कराने पर अभियंताओं से मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ रणजीतपुरा थाने में मामला दर्ज किया गया है।

इस संबंध में करीब डेढ़ दर्जन लोगों को नामजद किया गया है। इस मामले में शुक्रवार सुबह आईजीएनपी के सहायक अभियंता मंदीप वर्मा ने रणजीतपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया कि गुरूवार शाम को जब वो अखूसर माईनर के चक के मोघे पर खाळा निर्माण करवाने के लिए कनिष्ठ अभियंता गोविन्द शर्मा के साथ मौके पर पहुंचे और कार्य शुरू कराया था तो कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। वे पुलिस की मौजूदगी में भारी मशक्कत के बाद भीड़ से बाहर निकल पाए थे।
सहायक अभियंता ने आरोप लगाया कि इससे पूर्व 12 जून को कुछ लोगों ने कार्य में बाधा पहंचाई। उस दौरान समझाईश की गई। सके बाद अधीशासी अभियंता ने 14 जून को रणजीपुरा थाने को खाळा निर्माण के दौरान जाब्ता उपलब्ध कराने के लिए निवेदन किया गया। साथ ही उच्च अधिकारियों को इसके बारे में अवगत कराया। वही 15 जून दो पुलिसकर्मी निर्माण स्थल पर आ गए जहां पर कनिष्ठ अभियंता के देखरेख में निर्माण शुरू किया गया। इसी बीच शाम छह बजे अन्य चकों से एकत्रित होकर कई किसान आ गए और हमला कर दिया, साथ ही विभाग की ओर से कराया जा रहा निर्माण कार्य ट्रेक्टरों का उपयोग करते हुए नष्ट कर दिया।
समझाईश करने पर जान लेवा हमला कर दिया। राजकार्य में बाधा पहुंचाते हुए मारपीट की। पुलिस जाब्ता पहुंचने के बाद रात करीब आठ बजे भीड़ के बीच से वो निकल पाए। सहायक अभियंता ने मारपीट के मामले में लिच्छीराम, हंसराज सहारण, गणपतराम कासनिया,रेवंतराम सहारण, हेतराम पूनिया, महेन्द्र राहड, दिलीप राहड, अमनीश पूनिया शामिल थे। वहीं राजकीय सम्पति को नुकसान पहुचाने में पतराम, पृथ्वीराज खिचड़, बलदेव पूनिया, संदीप, जगदीश कासनिया, बलराम बेनीवाल, विनोद बेनीवाल, सहदेव भादू, अमराराम, श्रीराम घतरवाल, सुरेन्द्र सारण, फूसाराम, राकेश, पूनमचंद, किसन कासनिया एवं अन्य काश्तकार शामिल है।
सरकारी आदेश पर कार्य…
इंदिरा गांधी नहर परियोजना वृत्त बीकानेर के अधीक्षण अभियंता के विवेक गोयल के अनुसार सरकार के आदेशानुसार अखूसर एक आउटलेट (वितरिका) को 100 मीटर की दूरी पर शिफ्ट किया गया था। उसे मौजूदा जल मार्ग से जोडऩे का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान कुछ काश्तकार इसका विरोध करने के लिए आ गए। इस बीच जब कनिष्ठ अभियंता और वरिष्ठ अभियंता ने समझाईश करने का प्रयास किया, लेकिन काश्तकार नहीं माने। निर्माणधीन ढांचे को ध्वस्त कर दिया और मारपीट की थी।






