
बीकानेरNidarIndia.com ‘हंस चढ़ी मां आई भवानी, सहाय करे सब देश की… शाकद्वीपीय मग ब्राह्मण समाज ने रविवार को नागणेचेजी माता की अरदास कर होली के आगाज की अनुमति मांगी।
रियासत कालीन परंपरा के अनुसार मंदिर प्रांगण में भजनों की प्रस्तुति दी। नागणेचेजी माता को इत्र और गुलाल अर्पित किए। पूजा-अर्चना के बाद देर रात को समाज के लोग एक गेवर के रूप में शहर में प्रवेश किया, इस दौरान गुलाल उछालकर विधिवत रूप से होली का आगाज किया। सोमवार से होलाष्टक शुरू हो जाएंगे। इसके बाद पूरा सप्ताह अब शहर होली की मस्ती से सराबोर रहेगा। शाकद्वीपीय सप्तमी के मौके पर शहर में विभिन्न स्थानों पर सामूहिक प्रसाद का आयोजन किया गया। इसमें समाज के गणमान्य लोग शामिल हुए।
भाई बन्धु ट्रस्ट की अध्यक्षा कामिनी भोजक ने बताया कि नागणेचेजी माता मंदिर प्रांगण में शाकद्वीपीय समाज ने शाम ढलते ही भजनों के साथ माता के चरणों में धोक लगाई। साथ ही कुशल मंगल की कामना की।
इस दौरान कलाकारों ने ‘पन्नो रे मारी जोड़ी रो रे, बीकोणे रो बासी रे…, जोधाणूं सूं बीज है मंगाए प्रेमरस री मेहंदी राचडली सरीखे गीतों और भजनों की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। रात करीब आठ बजे इत्र और गुलाल माता के चरणों में अर्पित किए। इसके बाद भक्तों के माथे पर टीका लगाया और गुलाल उछालकर बीकानेर शहर की ओर प्रवेश किया। भजनों की प्रस्तुति में शाकद्वीपीय समाज के साथ साथ मरुनायक मंडल के सदस्यों ने भागीदारी निभाई।
जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा…
नितिन वत्सस ने बताया इस अवसर पर कल्याण फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से पुष्पवर्षा कर सभी का स्वागत किया गया।
होलीमय हुआ माहौल…
देर रात को गोगागेट से शाकद्वीपीय समाज की गेर निकाली गई जो बागडिय़ो का मोहल्ला से होते हुए रामदेव मंदिर चाय पट्टी, बड़ा बाजार, बैदों का चौक, मरुनायक चौक, होते हुए सेवगों के चौक पहुंची तो माहौल होलीमय हो गया।
इन कलाकारों ने दी प्रस्तुति…
मंदिर में मुख्य रूप से सुशील सेवग, पुरषोत्तम सेवग, गेवरचंद भादाणी, अजय कुमार देराश्री, मेघसा जोशी, दारसा जोशी,नितिन वत्सस,बलु जोशी, रघुनाथ जोशी, महेश गज्जानी, मनमोहन शर्मा, राजेश देराश्री, राजा जोशी, नगाड़े पर रामजी सेवग, अशोक शर्मा, चिराग सेवग ने संगत की। कार्यक्रम में समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
हुआ सामूहिक प्रसादी का आयोजन…
इस मौके पर समाज के हंसावतों की तलाई, सूर्य भवन, जनेश्वर भवन, शिव शक्ति भवन, श्यामौजी वंशज प्रन्यास भवन सहित कई स्थानों पर सामूहिक प्रसाद का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में समाज के लोगों की भागीदारी रही।
